शनि देव की आरती का पाठ करने से जीवन में चल रही बाधाएं, साढ़ेसाती और ढैया के अशुभ प्रभाव में कमी आती है। शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है और वह अपने भक्तों की सच्ची भक्ति से शीघ्र ही प्रसन्न होते है। शनिवार के दिन श्रद्धा से नियमपूर्वक शनिदेव की आरती करने से कष्टों का नाश होता है, मानसिक शांति मिलती है और सुख समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। इसलिए शनिदेव की कृपा पाने के लिए इस आरती का नियमित पाठ फलदायी माना गया है।
शनि देव की आरती
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी
सूर्य पुत्र प्रभु छाया महतारी
जय जय श्री शनि देव भक्तन हितकारी
श्याम अंग वक्र दृष्टि चतुर्भुजा धारी
नीलांबर धार नाथ गज की असवारी
जय जय श्री शनि देव भक्तन हितकारी
क्रीट मुकुट शीश राजित दीपत है लिलारी
मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी
जय जय श्री शनि देव भक्तन
मोदक मिष्ठान पान चढ़त हैं सुपारी
लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी
जय जय श्री शनि देव भक्तन हितकारी
देव दनुज ऋषि मुनि सुमिरत नर नारी
विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी
जय जय श्री शनि देव भक्तन हितकारी

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