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Solah Somvar Vrat Katha: सोलह सोमवार व्रत कथा विधि और महत्व

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सोलह सोमवार व्रत सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करने वाला व्रत है। मनोरथ सिद्धि के लिए सोमवार के दिन भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती का आशीर्वाद के लिए सोलह सोमवार का व्रत रखा जाता है। खासकर कुंवारी कन्याएं अपने मनपंसद वर की प्राप्ति के लिए इस व्रत को रखती है।  सोलह सोमवार व्रत की कथा (Solah Somvar Vrat Katha)   मृत्यु लोक में भ्रमण करने की इच्छा करके एक समय श्री भूतनाथ भगवान भोलेनाथ माता पार्वती के साथ मृत्यु लोक में पधारे। भ्रमण करते करते दोनों विदर्भ देश के अंतर्गत अमरावती नाम की अति सुंदर नगरी में पहुंचे।  अमरावती नगरी अमरा पुरी के समान सब प्रकार के सुखों से परिपूर्ण थी। उसमें वहां के राजकुमार द्वारा बनवाया गया अति रमणीक शिव जी का मंदिर भी था। भगवान शंकर भगवती पार्वती के साथ उस मंदिर में निवास करने लगे।  एक समय माता पार्वती भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न देख मजाक करने की इच्छा से बोली - "है प्रभु महाराज ! आज तो हम दोनों चौसर खेलेंगे "  शिव जी ने अपनी प्राण प्रिय पत्नि की बात को मान  लिया और चौसर खेलने लगे।  उसी समय उस मंदिर का पुजारी ब्राह्मण मंदिर में...

राहु मंगल अंगारक योग 2026: ईरान संकट और स्टॉक मार्केट पर असर

राहु मंगल अंगारक योग 23 फरवरी 2026 को सुबह 11:57 से शुरू हो चुका है जो 02 अप्रैल 2026 तक रहेगा। 23 फरवरी को जैसे ही मंगल शनि देव की राशि मकर से शनिदेव की दूसरी राशि कुंभ में आए, इस योग की शुरुआत हो चुकी है। अंगारक योग के कारण  युद्ध, आग से नुकसान, विमान दुर्घटना, लड़ाई-झगड़े, छोटी सी बात का बतंगड़ बनना, स्टॉक मार्केट में जबरदस्त उठापटक आदि हो सकता है। मंगल ग्रह का संबंध युद्ध और अग्नि से जुड़ा है और राहु ग्रह का संबंध मानसिक भ्रम और अप्रत्याशित घटनाओं से जुड़ा है और इन दोनों का कुंभ राशि में एक साथ होना इन घटनाओं में अचानक से वृद्धि दर्शाता है। भूकंप और जनहानि के योग भी अंगारक दोष का कारण हो सकते है। 

ईरान संकट और वैश्विक बाजार


ईरान तनाव, राहु मंगल अंगारक योग और ट्रेडिंग 

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, खाकर ईरान से जुड़ी भू-राजनैतिक हलचल अक्सर वैश्विक वित्तीय बाजारों को प्रभावित करती आई है। हाल ही में ईरान के शीर्ष नेता से जुड़ी घटना से इस क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। इस समय ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण राहु मंगल अंगारक योग चल रहा है, तो कई लोग यह प्रश्न पूछते है कि क्या इस युद्ध जैसी स्थिति में वैश्विक वित्तीय बाजारों में इसका कैसा असर रह सकता है।
इस लेख में हम भावनात्मक विश्लेषण या सनसनीखेज भविष्यवाणी नहीं, बल्कि ज्योतिषीय संकेत+ऐतिहासिक बाजार व्यवहार+ट्रेडिंग दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए संतुलित विश्लेषण करेंगें।

अंगारक योग क्या होता है?

जब भी गोचर करते हुए मंगल और राहु किसी राशि में एक साथ आ जाते है तो उसे उस राशि में राहु मंगल का अंगारक योग कहा जाता है। वर्तमान में मंगल और राहु कुंभ राशि में 23 फरवरी 2026 से 02 अप्रैल 2026 तक रहेंगे और तब तक अंगारक योग रहेगा। ऐसे में गोचर वश परिक्रमा करते हुए जैसे-जैसे ये एक दूसरे के नजदीक आते जाते है और इनमें डिग्री का अंतर कम होता जाता है, इस योग की शक्ति बढ़ती जाती है। 
आकस्मिक दुर्घटनाओं खासकर आग से नुकसान, युद्ध और प्राकृतिक आपदाओं भूकंप आदि से जन हानि आदि के इस समय योग बन सकते है। बिना सोचे समझे निर्णय, आक्रामक स्वभाव और आकस्मिक घटनाओं का कारक राहु ग्रह और आग और सैन्य संघर्ष या युद्ध का कारक मंगल ग्रह की युति में इन घटनाओं की वृद्धि देखी जाती है।
ज्योतिषीय रूप से यह योग अस्थिरता दर्शा सकता है लेकिन वास्तविक घटनाएं राजनैतिक निर्णयों पर निर्भर करता है।

क्या अंगारक योग हमेश युद्ध करवाता है?

नहीं, इतिहास में पहले भी कई बार अंगारक योग बना, पर हर बार युद्ध नहीं हुए। हां, कई बार-
  • राजनैतिक अथिरता बढ़ी
  • बाजार में volatility बढ़ी 
  • कच्चा तेल (Crude Oil) में तेजी देखी गई 
इसलिए इस युति को "संभावित अस्थिरता संकेत" कहना अधिक उचित रहेगा।

ईरान और मध्य पूर्व बाजार के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

ईरान वैश्विक तेल सप्लाई के केंद्र में है और अगर इस युद्ध से खाड़ी देशों में तनाव बढ़ता है तो -
  • Oil supply route बाधित हो सकता है।
  • Hormuz strait की सुरक्षा का मुद्दा बन सकता है।
  • Crude oil के रेट बढ़ सकते है।
तेल महंगा होने पर 
  • महंगाई (Inflation) बढ़ता है।
  • Stock market दबाव में आ जाते है।
  • Gold के भाव में बढ़त देखी जाती है।

ट्रेडिंग पर संभावित प्रभाव

सोना (Gold) को सुरक्षित निवेश माना जाता है और युद्ध के हालात में सोने की डिमांड बढ़ सकती हैं जिससे इसके भाव में बढ़त देखी जा सकती है।
तेल (Crude Oil) के मूल्य में भी तेल उत्पादन में कमी और सप्लाई कम होने या बाधित होने की आशंका के चलते बढ़ोतरी देखी जा सकती है। सूचनाओं के प्रभाव के अनुसार मूल्य में तेज उतार चढ़ाव देखा जा सकता है। 
शेयर बाजार (stock market) में भी तेज उतार चढ़ाव देखा जा सकता है। Banking और  IT शेयरों में दबाव देखा जा सकता है जबकि defence stocks में तेजी देखी जा सकती है।

ज्योतिष और बाजार: क्या सच में संबंध है?

कुछ निवेशक "Financial Astrology"  का उपयोग Timings के लिए करते है, पर बड़े निवेशक आमतौर पर  Economic Data, Intrest Rates, Global News और Institutional Flows आदि के विश्लेषण के बाद ही कही भी निवेश करना या बाहर निकलने का निर्णय लेते है। अंगारक योग Volatility का संकेत दे सकता है लेकिन entry/exit का यह एकमात्र आधार नहीं होना चाहिए।

ट्रेडर्स के लिए सावधानियां 

अंगारक योग और Giopoltical Tension एक साथ हो तो, ट्रेडर्स को-
  • Leverage कम से कम रखे।
  • Overnight risk से सावधानी रखें।
  • Strict stoploss लगाएं।

निष्कर्ष: 

  • राहु मंगल अंगारक योग बाजार में अनिश्चितता का संकेत देता है।
  • ईरान से जुड़ा तनाव Oil और Gold Price को प्रभावित कर सकता है।
  • स्टॉक मार्केट में Short term volatility संभव है।
  • Panic नहीं स्ट्रेटजी जरूरी है।
ट्रेडिंग में भावनाओं से ज्यादा अनुशासन काम करता है।

FAQ :

Q.1 अंगारक योग 2026 कितने समय तक रहेगा?
Ans. लगभग 40 दिन, 23 फरवरी से 02 अप्रैल तक 
Q.2  क्या हर बार अंगारक योग में बाजार गिरता है?
Ans. नहीं, कभी बढ़ता भी है, पर volitality बहुत रहती है 
Q.3  क्या केवल ज्योतिष देखकर ट्रेडिंग करना सही है?
Ans. नहीं, ज्योतिष को केवल सहायक संकेत के रूप में देखें 
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Rajivv Bakshi

Rajivv Bakshi पिछले 18 वर्षों से सनातन धर्म के त्योहारों, व्रत-कथाओं, सटीक एस्ट्रोलॉजी, आरती और चालीसा का ज्ञान प्रामाणिकता के साथ साझा कर रहे हैं। इस ब्लॉग के माध्यम से उनका उद्देश्य भारतीय संस्कृति और अध्यात्म को हर घर तक पहुँचाना है।

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