राहु मंगल अंगारक योग 2026 और वैश्विक घटनाएं

राहु मंगल अंगारक योग 23 फरवरी 2026 को सुबह 11:57 से शुरू हो चुका है जो 02 अप्रैल 2026 तक रहेगा। 23 फरवरी को जैसे ही मंगल शनि देव की राशि मकर से शनिदेव की दूसरी राशि कुंभ में आए, इस योग की शुरुआत हो चुकी है। अंगारक योग के कारण युद्ध, आग से नुकसान, विमान दुर्घटना, लड़ाई-झगड़े, छोटी सी बात का बतंगड़ बनना, स्टॉक मार्केट में जबरदस्त उठापटक आदि हो सकता है। मंगल ग्रह का संबंध युद्ध और अग्नि से जुड़ा है और राहु ग्रह का संबंध मानसिक भ्रम और अप्रत्याशित घटनाओं से जुड़ा है और इन दोनों का कुंभ राशि में एक साथ होना इन घटनाओं में अचानक से वृद्धि दर्शाता है। भूकंप और जनहानि के योग भी अंगारक दोष का कारण हो सकते है।

राहु मंगल अंगारक योग 2026 - कुंभ राशि में प्रभाव

ईरान तनाव, राहु मंगल अंगारक योग और ट्रेडिंग

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, खासकर ईरान से जुड़ी भू-राजनैतिक हलचल अक्सर वैश्विक वित्तीय बाजारों को प्रभावित करती आई है। हाल ही में ईरान के शीर्ष नेता से जुड़ी घटना से इस क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। इस समय ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण राहु मंगल अंगारक योग चल रहा है, तो कई लोग यह प्रश्न पूछते हैं कि क्या इस युद्ध जैसी स्थिति में वैश्विक वित्तीय बाजारों में इसका कैसा असर रह सकता है।

इस लेख में हम भावनात्मक विश्लेषण या सनसनीखेज भविष्यवाणी नहीं, बल्कि ज्योतिषीय संकेत + ऐतिहासिक बाजार व्यवहार + ट्रेडिंग दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए संतुलित विश्लेषण करेंगे।

अंगारक योग क्या होता है?

जब भी गोचर करते हुए मंगल और राहु किसी राशि में एक साथ आ जाते हैं तो उसे उस राशि में राहु मंगल का अंगारक योग कहा जाता है। वर्तमान में मंगल और राहु कुंभ राशि में 23 फरवरी 2026 से 02 अप्रैल 2026 तक रहेंगे और तब तक अंगारक योग रहेगा। ऐसे में गोचर वश परिक्रमा करते हुए जैसे-जैसे ये एक दूसरे के नजदीक आते जाते हैं और इनमें डिग्री का अंतर कम होता जाता है, इस योग की शक्ति बढ़ती जाती है।

आकस्मिक दुर्घटनाओं खासकर आग से नुकसान, युद्ध और प्राकृतिक आपदाओं भूकंप आदि से जन हानि आदि के इस समय योग बन सकते हैं। बिना सोचे समझे निर्णय, आक्रामक स्वभाव और आकस्मिक घटनाओं का कारक राहु ग्रह और आग और सैन्य संघर्ष या युद्ध का कारक मंगल ग्रह की युति में इन घटनाओं की वृद्धि देखी जाती है।

ज्योतिषीय रूप से यह योग अस्थिरता दर्शा सकता है लेकिन वास्तविक घटनाएं राजनैतिक निर्णयों पर निर्भर करती हैं।

क्या अंगारक योग हमेशा युद्ध करवाता है?

नहीं, इतिहास में पहले भी कई बार अंगारक योग बना, पर हर बार युद्ध नहीं हुए। हां, कई बार:

  • राजनैतिक अस्थिरता बढ़ी
  • बाजार में volatility बढ़ी
  • कच्चा तेल (Crude Oil) में तेजी देखी गई

इसलिए इस युति को "संभावित अस्थिरता संकेत" कहना अधिक उचित रहेगा।

ईरान और मध्य पूर्व बाजार के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

ईरान वैश्विक तेल सप्लाई के केंद्र में है और अगर इस युद्ध से खाड़ी देशों में तनाव बढ़ता है तो:

  • Oil supply route बाधित हो सकता है।
  • Hormuz Strait की सुरक्षा का मुद्दा बन सकता है।
  • Crude oil के रेट बढ़ सकते हैं।

तेल महंगा होने पर:

  • महंगाई (Inflation) बढ़ती है।
  • Stock market दबाव में आ जाते हैं।
  • Gold के भाव में बढ़त देखी जाती है।

ट्रेडिंग पर संभावित प्रभाव

सोना (Gold) को सुरक्षित निवेश माना जाता है और युद्ध के हालात में सोने की डिमांड बढ़ सकती है जिससे इसके भाव में बढ़त देखी जा सकती है।

तेल (Crude Oil) के मूल्य में भी तेल उत्पादन में कमी और सप्लाई कम होने या बाधित होने की आशंका के चलते बढ़ोतरी देखी जा सकती है। सूचनाओं के प्रभाव के अनुसार मूल्य में तेज उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है।

शेयर बाजार (Stock Market) में भी तेज उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है। Banking और IT शेयरों में दबाव देखा जा सकता है जबकि Defence Stocks में तेजी देखी जा सकती है।

ज्योतिष और बाजार: क्या सच में संबंध है?

कुछ निवेशक "Financial Astrology" का उपयोग Timings के लिए करते हैं, पर बड़े निवेशक आमतौर पर Economic Data, Interest Rates, Global News और Institutional Flows आदि के विश्लेषण के बाद ही कहीं भी निवेश करने या बाहर निकलने का निर्णय लेते हैं। अंगारक योग Volatility का संकेत दे सकता है लेकिन Entry/Exit का यह एकमात्र आधार नहीं होना चाहिए।

ट्रेडर्स के लिए सावधानियां

अंगारक योग और Geopolitical Tension एक साथ हो तो, ट्रेडर्स को:

  • Leverage कम से कम रखें।
  • Overnight risk से सावधानी रखें।
  • Strict Stoploss लगाएं।

निष्कर्ष:

  • राहु मंगल अंगारक योग बाजार में अनिश्चितता का संकेत देता है।
  • ईरान से जुड़ा तनाव Oil और Gold Price को प्रभावित कर सकता है।
  • स्टॉक मार्केट में Short term volatility संभव है।
  • Panic नहीं, स्ट्रेटजी जरूरी है।

ट्रेडिंग में भावनाओं से ज्यादा अनुशासन काम करता है।

अंगारक योग से जुड़े सवाल-जवाब

अंगारक योग क्या होता है?

जब कुंडली में राहु और मंगल एक ही भाव में एक साथ बैठते हैं तो अंगारक योग बनता है। इसे अंगारक दोष भी कहा जाता है। यह योग व्यक्ति को क्रोधी, आक्रामक और दुर्घटना का शिकार बना सकता है।

अंगारक योग के नुकसान क्या हैं?

इस योग से व्यक्ति में अत्यधिक क्रोध, भाइयों से विवाद, कोर्ट-कचहरी, दुर्घटना, ऑपरेशन, रक्त संबंधी रोग और करियर में अस्थिरता जैसी समस्याएं आ सकती हैं। वैवाहिक जीवन में भी तनाव रहता है।

अंगारक योग किस भाव में सबसे खतरनाक होता है?

लग्न, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम और द्वादश भाव में अंगारक योग सबसे अधिक अशुभ माना जाता है। अष्टम भाव में यह दुर्घटना और सप्तम में वैवाहिक जीवन में बाधा देता है।

अंगारक योग की शांति के उपाय क्या हैं?

हनुमान जी की पूजा, मंगलवार का व्रत, सुंदरकांड का पाठ, लाल मसूर की दाल का दान, और भातपूजा करवाना अंगारक योग की शांति के प्रमुख उपाय हैं। मंगल यंत्र की स्थापना भी लाभकारी होती है।

क्या अंगारक योग हमेशा बुरा होता है?

नहीं, यदि मंगल और राहु पर गुरु की शुभ दृष्टि हो या यह योग मेष, वृश्चिक, मकर राशि में बने तो व्यक्ति को साहस, पराक्रम और पुलिस, सेना, सर्जरी जैसे क्षेत्रों में सफलता भी देता है।

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