संदेश
2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Karwa Chauth 2026: Karwa Chauth Vrat Katha in Hindi

चित्र
पति पत्नी के आपसी प्रेम की निशानी के रूप में करवा चौथ हर साल कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि करवा चौथ का व्रत सबसे पहले शक्ति स्वरूपा देवी पार्वती ने रखा था जिसके फलस्वरूप उन्हें अखंड सौभाग्य की प्राप्ति हुई थी।  करवा चौथ कब है?  करवा चौथ 2026 का त्यौहार इस साल 29 अक्टूबर 2026 गुरुवार को मनाया जायेगा। कार्तिक चतुर्थी का प्रारंभ गुरुवार 29 अक्टूबर मध्यरात्रि 01:06 am से शुरू होकर 29 अक्टूबर गुरुवार रात्रि 10:09 pm तक रहेगा।  उदया तिथि के हिसाब से करवा चौथ 2026 का त्यौहार 29 अक्टूबर 2026 गुरुवार को मनाया जायेगा।  करवा चौथ पूजा मुहूर्त  करवा चौथ 2026 का पूजा मुहूर्त  29 अक्टूबर को शाम 05:38 बजे से लेकर 06:56 बजे तक रहेगा। करवा चौथ व्रत पूजन की कुल अवधि 1 घंटा 18 मिनट की रहेगी।  करवा चौथ व्रत की विधि  सूर्योदय से पहले उठकर सरगी खाएं।  करवा चौथ के दिन सूर्योदय से पहले ही स्नान कर ले। देवी देवताओं की नियमित पूजा जो आप रोज करती है, उसे करने के बाद पूरे दिन के लिए निर्जला व्रत रखें।  शाम के समय भगव...

Om Jai Jagdish Hare: विष्णु भगवान की आरती

चित्र
विष्णु भगवान को इस जगत का पालनहार माना जाता है। ओम जय जगदीश हरे आरती विष्णु भगवान जी   को समर्पित है। जीवन में हर प्रकार के सुखों की प्राप्ति के लिए विष्णु भगवान का स्मरण अवश्य करना चाहिए।  ओम जय जगदीश हरे आरती ओम जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे  भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे  ओम जय जगदीश हरे  जो ध्यावे फल पावे, दुःख बिनसे मन का  सुख संपति घर आवै, कष्ट मिटे तन का ओम जय जगदीश हरे मात पिता तुम मेरे, शरण गहू किसकी तुम बिन और न दूजा, आस करूं जिसकी   ओम जय जगदीश हरे तुम पूर्ण परमात्मा, तुम अंतर्यामी पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी  ओम जय जगदीश हरे  तुम करुणा के सागर तुम पालनकर्ता मैं मूर्ख खल कामी, कृपा करो भर्ता  ओम जय जगदीश हरे  तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति किस विधि मिलूं दयामह, तुमको मैं कुमति ओम जय जगदीश हरे  दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे  अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे ओम जय जगदीश हरे विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा  श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा ओम जय जगदीश हरे  तन मन धन और संपति, सब कुछ ह...

अम्बा माता आरती – Amba Mata Aarti in Hindi

चित्र
अम्बा माता की आरती  को हिंदू धर्म में मां दुर्गा की उपासना का एक अत्यंत पावन और शक्तिशाली माध्यम माना जाता है। अम्बा माता को जगदम्बा , आदिशक्ति और मां दुर्गा के नाम से भी पूजा जाता है। भक्तगण श्रद्धा और भक्ति के साथ अम्बा माता की आरती पाठ करके सुख, शांति, समृद्धि की कामना करते है। नवरात्रि , दुर्गा पूजा और शुभ अवसरों पर Amba Mata Aarti in Hindi का पाठ करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है। अंबा माता की आरती जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी  तुमको निश दिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिव री  मांग सिंदूर विराजत टिको मृगमद को  उज्ज्वल से दोउ नैना चंद्रबदन निको  जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी  कनक समान कलेवर रक्तांबर राजे  रक्तपुष्प गल माला कंठन पर साजे  जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी  केहरि वाहन राजत खड्ग खपरधारी  सुर नर मुनिजन सेवत तिनके दुःख हारी  जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी  कानन कुण्डल शोभित नासाग्रे मोती कोटिक चंद्र दिवाकर राजत समज्योति   जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी शुंभ निशुंभ बिधारे महिषासुर घाती  ध...

श्री गणेश जी की आरती | जय गणेश जय गणेश देवा

चित्र
किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले संकटहर्ता विघ्न विनाशक भगवान गणेश जी की आरती गाने या सुनने का विधान बताया गया है। इससे कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आती और कार्य निर्विघ्न संपन्न होते है। "ॐ गं गणपतये नमः" के पावन मंत्र के साथ की जाने वाली यह आरती भक्तों के जीवन से विघ्न बाधाओं को दूर कर सुख, शांति, समृद्धि और बुद्धि प्रदान करती है। किसी भी पूजा, व्रत या शुभ काम की शुरुआत में गणेश जी की आरती करने से भगवान गणपति की कृपा प्राप्त होती है और कार्य निर्विघ्न सम्पन्न होता है। गणेश जी की आरती  जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा माता जाकी पार्वती पिता महादेवा  एकदंत दयावंत चार भुजाधारी  माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी  पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा लड्डुनन का भोग लगे सन्त करे सेवा जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा  माता जाकी पार्वती पिता महादेवा  अंधन को आंख देत, कोढ़ीन को काया  बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ‘सूर’ श्याम शरण आए सफल कीजे सेवा  माता जाकी पार्वती पिता महादेवा  जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा माता जाकी पार्वती पिता महादेवा बोलो गणे...